धोनी के लिए देश से बढ़कर कुछ नहीं है, जो लोग सोचते नहीं है वैसा वो करते हैं

0
1492

नई दिल्ली: भारत के पूर्व कप्तान और मौजूदा विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी का देश प्रेम किसी से नहीं छिपा है। धोनी कई बार बोल चुके है कि अगर को क्रिकेटर नहीं होते तो वो भारतीय सेना ज्वाइन करना पसंद करते। धोनी के विकेटकीपिंग दस्ताने और बैग भी फौजी स्टाइल का ही होता है। वो बॉर्डर में भारतीय सेना के साथ भी वक्त बिता चुके है। एक बार फिर धोनी का देश प्रेम सामने आया है। इसे आप प्रेम और देश का सम्मान दोनों बोल सकते हैं। आपने बल्लेबाजी के दौरान खिलाड़ियों को हेलमेट पर भारतीय तिरंगा लगा देखा होगा। पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने सबसे पहले हेलमेट पर तिरंगा लगाना शुरू किया। उसके बाद भारत के अधिकतर खिलाड़ी तिरंगे का स्टीकर हेलमेट पर लगाते हैं। इस लिस्ट में कैप्टन विराट कोहली भी शामिल हैं।

Image result for हेलमेट पर तिरंगा नहीं धोनी

आपने धोनी को बल्लेबाजी के दौरान धोनी के हेलमेट पर भी स्टीकर देखा होगा। लेकिन भारत और साउथ अफ्रीका सीरीज के दौरान भी बल्लेबाज करते वक्त उनके हेलमेट में स्टीकर नहीं था। अब धोनी के हेलमेट में स्टीकर नहीं रहता हैं।इसके पीछा छिपा है देश का सम्मान। महेंद्र सिंह धोनी की माने तो विकेटकीपिंग के दौरान कई बार हेलमेट को जमीन में रखा जाता है। हर वक्त हेलमेट पहने रखना संभव नहीं है। ना ही अतिरिक्त खिलाड़ी को हर बार आप हेलमेट देने और ले जाने के लिए बुला सकते है। इस कारण से धोनी विकेटकीपिंग के दौरान हेलमेट पर भारतीय झंडे का स्टीकर नहीं लगाते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान न हो इसलिए धोनी अपने हेलमेट पर तिरंगा नहीं लगाते हैं। इसके अलावा धोनी एक आर्मी ऑफिसर भी हैं और उन्हें पता है कि हेलमेट पर लगे तिरंगे को जमीन पर रखना उसका अपमान होगा। धोनी अपने हेलमेट से स्टीकर पूर्ण रूप से हटा दिया है। धोनी हर वक्त देश के लिए एक उदाहरण बनते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here