भारतीय क्रिकेट टीम क्यों पहनती है नीले कलर की जर्सी, कोई दूसरा रंग क्यों नहीं

0
393

नई दिल्ली: भारत देश में क्रिकेट को एक धर्म की तरह देखा जाता है। ऐसा इसलिए की क्रिकेट के प्रति दिवानगी पूरे देश को एकजुट कर देती है। भारत साल 1932 से क्रिकेट खेल रहा है। वनडे क्रिकेट की शुरुआत  साल 1971 से हुई। उसके वनडे क्रिकेट में रंगीले कपड़े का आगमन हुआ। पहले क्रिकेट सफदे कपड़ों में ही खेली जाती थी।

हम आपकों बताने जा रहे है कि भारत क्यों नीली कलर की जर्सी पहनता है। जब क्रिकेट में रंगीले कपड़ों की शुरुआत हुई तो हर देश ने अपना कलर चुना। वैसे तो लोगों को ये बात भी चकित करती हैं कि पाकिस्तान का रंग हरा है इसलिए वो हरी जर्सी पहनते हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया के झंडे का रंग डार्क नीला है लेकिन वो पीली कलर की जर्सी पहनते हैं। जब रंगीले कपड़ों का क्रिकेट शुरू हुआ तो भारतीय एडमिस्ट्रेश्न को ये फैसला लेना था कि भारत किस रंग की जर्सी पहनकर क्रिकेट खेलेगा। भारत का कोई नेशनल कलर ना होने के कारण भारतीय तिरंगे को जर्सी चुनने के लिए रखा गया।

भारत के झंडे की ओर गौर करें तो उसमें 3 रंग होते और नेफी ब्लू अशोक चक्र का होता है। सैफ्रोन रंग इसलिए नहीं लिया गया क्योकि देश की कई राजनीतिक पार्टियों द्वारा वो कलर अपने झंडे के लिए इस्तेमाल होता है। सफेद कलर टेस्ट क्रिकेट में इस्तेमाल होता है। वहीं हरा कलर पाकिस्तान टीम द्वारा लिया गया था। उसके बाद बचा नेफी ब्लू (अशोक चक्र) को भारतीय जर्सी के लिए इस्तेमाल किया गया। उसके अलावा विकल्प के लिए पीला कलर चुना गया। भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पीछले कई सालों में बदली है। जर्सी बदली कहने से मतलब है उसका रंग। कभी डार्क ब्यू तो कभी लाइट ब्लू। वही भारतीय टीम का अब सेक्रड्री कलर पीले की जगह ऑरेंज हो गया है।

ब्लू कलर उसके बाद से भारतीय क्रिकेट की पहचान बन गया और अधिकतर सभी खेलों में नीले कलर की जर्सी ही दिखाई देती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here