कभी हार तो कभी जीत , कुछ ऐसा था SKPL का फाइनल।किशन की टीम ने मारी बाज़ी।

0
119

लखनऊ: क्रिकेट के खेल को क्यों अनिश्चिकताओं का खेल कहा जाता वो आज के मैच में साबित हो गया। एक ऐसा मैच जिसने दर्शकों को एक पल के लिए मैच से नजरें हटाने का मौका नही दिया।

 

आज SKPL का फाइनल खेला गया। स्टेज सेट था । मैदान सहारा स्टेट्स का था। दोनों ही टीम पूरी तैयारी से मैदान पर उतरने को तैयार थी। सभी को आज के मैच का इंतेजार बड़ी ही बेसबरी से था।

 

सुमित पॉल की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और शुरआत से ही अपने मनसूबे साफ कर दिए। शुरआत से ही ताबड़तोड़ बैटिंग शुरू करदी और सामने वाली टीम को बैकफुट धकेलने की कोशिश चालू कर दी।

 

मिडल ओवर में वर्तमान की गेंदबाजी से किशन की टीम ने थोड़ी वापसी मैच में जरूर की पर पहली पारी खत्म होने पर निर्धारित 16 ओवर में 142 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य किशन की टीम सामने रख दिया।

 

 

असली ट्विस्ट तो दूसरी पारी में देखने को मिला। फाइनल मैच का दबाव भी था और सामने 142 रनों का लक्ष्य था। सुमित पॉल की टीम को पूरी उम्मीद थी कि उनकी टीम मैच एकतरफा जीतेगी और SKPL अपने नाम कर लेगी।

 

दूसरी पारी शुरू होती है और किशन की टीम बल्लेबाज़ी करने उतरती है। शुरुआत के 4 ओवर में ही सिर्फ 20 रनों के स्कोर पर 5 बल्लेबाज़ आउट हो जाते है। सामने वाली टीम जश्न में डूब जाती है। 142 रनों के लक्ष्य के सामने किशन की टीम बहुत बौनी नजर आने लगती है।

 

पर एक कहावत है – ” जीत से पहले जश्न और मौत से पहले मातम नही मनाना चाहिए” ।

 

इसी कहावत को किशन की टीम ने सही साबित कर दिया। 5 विकेट गिरने के बाद भी किशन की टीम हार मान ने को तैयार ही नही थी। आज पहली ही बॉल से वो सिर्फ एक लक्ष्य से उतरे थे वो थी जीत। 4 ओवर ,20 रन और 5 बल्लेबाज़ आउट । मैच एकतरफा सा नज़र आने लगा था पर आज किशन की टीम के मनसूबे कुछ और थे ।

 

टीम फिर से एकजुट होती है और लक्ष्य का पीछा करने में लग जाती है । फिर मैदान पर बल्लेबाजी करने आते है वर्तमान और सौरभ। दोनो ने आपसी सूझबूझ से और हर ओवर में कमजोर बॉल पर पहाड़ करके मैच को आगे बढ़ाना शुरू किया। पूरे मैच में कप्तान किशन और दोनों बल्लेबाज़ वर्तमना और सौरभ ने 142 रनों का लक्ष्य न ध्यान में रखकर बल्कि एक एक ओवर को लक्ष्य बनाया और अपनी सूझबूझ से छोटे छोटे लक्ष्य को पूरा करते हुए उस बड़े लक्ष्य को सिर्फ 14.1 ओवर में हासिल कर लिया। वर्तमान और सौरभ के बीच 122 रनों की साझेदारी हुई। दोनो ने ही अर्धशतक जड़े।

 

सुमित पॉल की टीम के खिलाड़ियों के चहरे से कब हँसी गायब हो गई ये पता ही नही चला। किशन की टीम ने हार को जीत में बदल दिया या फिर कहिए कि उनके हाथ मे आई हुई जीत को छीन लिया हो।

 

इसी के साथ 2017 के SKPL के इस सीजन का अंत हुआ और 2017 को ट्रॉफी किशन की टीम के नाम रही। 2018 में SKPL-2 की शुरुआत होगी।

 

किशन की टीम इस प्रकार थी।

किशन(C) ,जयवर्धन (WK), वर्तमान , अभिनव, गीतेश,वैभव , विशाल, वत्सल , रजत, सौरभ, अक्षत उर्फ लाठी भाई, प्रज्ज्वल,साहिल और आयुष।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here