लखनऊ: केजीएमयू में जल्द शुरू होगा मिल्क बैंक,अब नवजातों को नहीं होगी दूध की कमी

0
62

लखनऊ : लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में एक साल के भीतर मदर मिल्क बैंक बनेगा। इसके लिए ट्रॉमा सेंटर के पांचवें तल पर जगह निर्धारित की गई है । यह मिल्क बैंक प्रदेश का पहला ऐसा बैंक होगा जहां मदर मिल्क छह महीने तक स्टोर किया जा सकेगा। यह जानकारी मीडिया को पीडियाट्रिक विभाग की हेड प्रो.रश्मि कुमार ने गुरुवार को दी।

प्रो.रश्मि ने बताया कि एनएचएम के मुताबिक यूपी में अब भी 10 में से 4 बच्चों को माँ का पहला दूध नहीं मिलता है | जन्म के एक घंटे के भीतर मिलने वाला मां का दूध बच्चे को कई बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है, लेकिन प्रदेश में सिर्फ 25.2 फीसदी बच्चे ही मां का पहला दूध पी पाते हैं यह राष्ट्रीय आंकड़े से काफी कम है |

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ.सुधीर सिंह ने बताया कि इस बैंक को संचालित करने में एनएचएम और उसकी सहयोगी संस्थाएं केजीएमयू की मदद करेंगी। बैठक में शामिल हुए डॉ.नरसिंह वर्मा ने बताया कि मिल्क बैंक की स्थापना ट्रॉमा सेंटर के पांचवें तल पर होगी। वहीं एक मिल्क कलेक्शन सेंटर के चौथे तल पर बने एनआईसीयू और दो कलेक्शन सेंटर क्वीनमेरी अस्पताल में बनाए जाएंगे।

केजीएमयू के माइक्रोबयॉलजी विभाग की हेड प्रो.अमिता जैन ने बताया कि मदर मिल्क बैंक में इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप मशीन लगाई जाएगी। इसके माध्यम से डोनर से दूध लिया जाएगा। इस दूध का माइक्रोबयॉलजिकल टेस्ट किया जायेगा । दूध की गुणवत्ता सही होने के बाद ही उसे कांच की बोतलों में 30-30 मिलीलीटर की यूनिट बनाकर -20 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान पर सुरक्षित रख दिया जायेगा |बैंक में दूध 6 महीने तक सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर यह नवजातों को दिया जाएगा |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here