लूटपाट का विरोध करने पर बदमाशों ने युवक को मौत के घाट उतारा

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वाराणसी : लूटपाट का विरोध करने पर बदमाशों की पिटाई से बुरी तरह घायल युवक मुहम्मद शेरू (27 वर्ष) की बीएचयू ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान मौत होने के बाद परिजनों व पड़ोस के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों संग क्षेत्र के लोग पुलिस की ओर से लगातार की जा रही लापरवाही के विरोध में सड़क पर उतर आए और छित्तूपुर में चक्काजाम कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि वह चार दिन से थाने के चक्कर लगा रहे थे, मगर पुलिस ने रिपोर्ट तक लिखने में कोताही बरती, आरोपियों को पकड़ने की कोशिश तो दूर की बात है। हालांकि, मौत के बाद पुलिस ने शेरू के भाई की तहरीर पर  थाने में आनन-फानन में पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। गुस्साए लोगों को मनाने में पुलिस को डेढ़ घंटे से अधिक का समय लग गया ।

छित्तूपुर निवासी फतेह मुहम्मद कृषि विज्ञान संस्थान बीएचयू से सेवानिवृत्त हैं।  उसकी शादी नहीं हुई थी। शेरू छित्तूपुर स्थित घर के भूतल पर जनरल स्टोर का संचालन करता था। एजाज अहमद ने बताया कि उसका भाई शेरू बीते सोमवार की शाम पचास हजार रुपये लेकर दुकान का सामान लाने को घर से निकला था। रास्ते में उसकी मुलाकात अर्जुन कुमार से हुई, जो शेरू को छित्तूपुर स्थित छोटा रविदास मंदिर ले गया। वहां पहले से पांच-छह युवक मौजूद थे। सभी ने अचानक शेरू पर लोहे की रॉड व अन्य हथियार से हमला बोल दिया। अधमरा करने के बाद शेरू के पास से 50 हजार रुपये और गले में पड़ी सोने की चेन लूट कर फरार हो गए। रॉड से सिर पर वार होने से शेरू की हालत गंभीर हो गई। लोगों की सूचना पर पुलिस छित्तूपुर गेट पर पहुंची, उसे तुरंत ट्रामा सेंटर ले गए।

पोस्टमार्टम होने के बाद शव लेकर परिजन व क्षेत्रीय लोग छित्तूपुर गेट पहुंचे और गेट के पास शव रखकर छित्तूपुर-डाफीमार्ग को जाम करते हुए धरने पर बैठ गए। शेरू के पिता फतेह मोहम्मद ने आरोप लगाया कि घटना की रात से वह लोग बीएचयू पुलिस चौकी से लंका थाने तक तहरीर लेकर दौड़ते रहे, लेकिन किसी ने उनकी फरियाद नहीं सुनी।

जाम और धरने की सूचना मिलने पर पहुंचे सीओ भेलूपुर और लंका थाना प्रमुख का नाराज लोगों को मनाने में पसीना छूट गया। सीओ भेलूपुर ने आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर किसी तरह लोगों को शांत कराया व जाम खुलवाया ।

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