इस शहर में 7 दशकों से लगा हुआ है मरने पर प्रतिबन्ध 

0
96


नई दिल्ली : यह दुनिया अजूबों से भरी हुई है । आज हम आपको एक ऐसे शहर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां मरना मना है , जी हां आपने सही पढ़ा अस शहर में मरने पर पाबंदी है । कहा जाता है की मौत कब, कहाँ, किसे और कैसे अपने आगोश में ले लेगी ये कह पाना असंभव है, पर अजूबों से भरी इस दुनिया में हम चाहे माने या न माने, लेकिन एक शहर ऐसा भी है जो अपने नागरिकों को वहां मरने की इज़ाजत भी नहीं देता | शहर के प्रशासन ने यहाँ इंसानों के मरने पर विगत कई दशकों से रोक लगा रखी है |  दुनिया के उत्तरी छोर पर सबसे आखिरी में बसे नार्वे के इस शहर का नाम है लॉन्गइयरबेन |

कई दशकों पूर्व वैज्ञानिको ने यहाँ के कब्रिस्तान से एक लाश के टिशु के नमूने शोध करने हेतु लिए थे | जब इन नमूनों की जांच की, तो यह पाया गया कि इस मृत देह के नमूनों में अब भी इन्फ्लुएंजा के रोगाणु (वायरस) हैं और इस शोध के परिणाम को ध्यान में रखते हुए लॉन्गइयरबेन के शहर प्रशासन ने जन हित में यह निर्णय लिया कि भविष्य में किसी भी व्यक्ति की तबियत गंभीर रूप से खराब होती है अथवा ऐसा अनुभव होता है कि अमुक व्यक्ति की मृत्यु होने वाली है तो उसे प्लेन या जलयान के जरिये नार्वे के अन्य भागों में भेज दिया जाए | इसके लिए दशकों पूर्व यहाँ ‘नो डैथ पालिसी’ का क़ानून बना दिया |

अगर भविष्य में विद्युत चालित मशीन का प्रयोग कर लाश को जलाने के बारे में प्रशासन विचार करे तो लॉन्गइयरबेन के लोगों को ‘नो डैथ पालिसी’ से छुटकारा मिल पाना संभव है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here