खुशखबरी : देवभूमि उत्तराखण्ड में जल्द बनेंगे चार नए जिले

0
2020

देहरादून : उत्तराखण्ड की प्रदेश सरकार द्वारा बजट सत्र के दौरान चार नए जिलों के गठन की बात किए जाने के बाद नए जिलों का मसला एक बार फिर गर्माने लगा है । हालांकि, पिछले दो विधानसभा चुनावों के दौरान नए जिले महज मतदाताओं को लुभाने के लिए मुद्दे के तौर पर ही इस्तेमाल किए गए, लेकिन जिस तरह त्रिवेंद्र सरकार ने एक साल पूरा होते-होते ही नए जिलों के गठन की बात कही है, उससे यह बात साफ हो गई है की नए जिले जल्द ही वजूद में आएंगे ।

यूं तो उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद से ही नए जिलों के गठन की मांग उठती रही है, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने स्वतंत्रता दिवस पर राज्य में चार नए जिलों के गठन की घोषणा की। ये नए जिले थे कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल), यमुनोत्री (उत्तरकाशी), रानीखेत (अल्मोड़ा) और डीडीहाट (पिथौरागढ़)। नए जिलों के गठन का शासनादेश होता, इससे पहले ही मुख्यमंत्री पद से निशंक की विदाई हो गई और उनकी जगह आए भुवन चंद्र खंडूड़ी। खंडूड़ी सरकार ने आठ दिसंबर 2011 को शासनादेश तो कर दिया लेकिन फिर विधानसभा चुनाव के कारण मसला लटक गया।

भाजपा और कांग्रेस, दोनों ने ही विधानसभा चुनाव में नए जिलों के गठन को मुद्दा बनाकर इस्तेमाल किया लेकिन दोनों पार्टियों की सरकारों के दौरान पिछले सात सालों से नए जिले जमीन पर उतरने की बजाए फाइलों में ही कैद होकर रह गए। मौजूदा सरकार ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही चार नए जिले अस्तित्व में आएंगे। ये वही चार जिले हैं, जिनकी घोषणा वर्ष 2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने की थी। यानी, कोटद्वार, यमुनोत्री, रानीखेत और डीडीहाट। सरकार की ओर से बताया कि चारों जिलों पर फैसला पुनर्गठन आयोग की संस्तुति मिलने पर लिया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here