गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट सेंटर के 237 जवान देश की थल सेना में शामिल

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पौड़ी : हल्द्वानी लाइव : उत्तराखण्ड और भारतीय सेना का रिश्ता मछली और पानी के जैसा है । उत्तराखण्ड से हर साल हजारों युवा भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करते हैं । गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट सेंटर के भवानी दत्त परेड ग्राउंड में कोर-74 के 237 रिक्रूट भारतीय थल सेना की ट्रेनिंग का अंतिम पग पार करके थल सेना का अभिन्न अंग बन गए। गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट सेंटर के 237 जवान देश की आन-बान-शान की हर कीमत पर रक्षा करने की कसम ग्रहण करके भारतीय थल सेना में शामिल हो गए।

इस मौके पर गढ़वाल रेजीमेंट के ब्रिगेडियर इंद्रजीत चटर्जी ने नवप्रशिक्षित रिक्रूटों से मातृभूमि की रक्षा के लिए वक्त पड़ने पर अपना सर्वोच्च न्योछावर करने का आह्वान किया। नवप्रशिक्षित रिक्रूटों ने परेड का आयोजन कर पुनरीक्षण अधिकारी ब्रिगेडियर इंद्रजीत चटर्जी को सलामी दी।परेड के दौरान रिक्रूटों ने शानदार ड्रिल का प्रदर्शन कर दर्शकों की वाहवाही बटोरी। परेड को संबोधित करते हुए ब्रिगेडियर इंद्रजीत चटर्जी ने कहा कि नवप्रशिक्षित सैनिकों ने सेना में भर्ती होकर अपने जीवन का सर्वोत्तम निर्णय लिया है। कहा कि रेजीमेंट की वीरता के चर्चा देश में ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार भी है।

उन्होंने सैनिकों से कहा कि एक बेहतर सैनिक के अंदर ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, आज्ञाकारी, अनुशासन जैसे गुणों का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने रेजीमेंट के पूर्वजों की ओर से अर्जित की गई ख्याति और मातृभूमि के लिए वक्त पड़ने पर अपने प्राणों की आहूति तक लगाने की बात कही। इस मौके पर ब्रिगेडियर चटर्जी ने युद्ध स्मारक में रेजीमेंट के शहीदों को नमन कर पुष्प चक्र अर्पित किए। परेड के दौरान गढ़वाल रेजीमेंट के बैंड ने मनोरम धुनें बजाकर कार्यक्रम की महत्ता बढ़ा दी कसम परेड समारोह के दौरान नवप्रशिक्षित रिक्रूटों के परिजन समूचे गढ़वाल से पहुंचे हुए थे। परेड के दौरान अपने लाडले को थल सेना का सैनिक बनता देख, जहां परिजनों के सीने चौड़े हो रहे थे, तो वही, उनके चेहरे पर खुशी के भाव भी साफ देख जा सकते थे। परेड के दौरान रिक्रूटों के परिजन भवानी दत्त परेड ग्राउंड में बड़ी संख्या में पहुंच हुए थे।

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