राममंदिर निर्माण के लिए सहमति बनाने को लेकर ‘रामराज्य रथयात्रा’ शुरू

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लखनऊ: देशभर में राममंदिर निर्माण के लिए सहमति बनाने को लेकर ‘रामराज्य रथयात्रा’ शुरू की गई है । यह पहली मौका नहीं है जब इस तरह का प्रयास किया जा रहा है। इससे पुर्व भी इस तरह की कोशिश की गई थी ।

देश में रामराज्य की स्थापना और राममंदिर निर्माण पर माहौल बनाने के लिए मंगलवार को अयोध्या से सेतुबंध रामेश्वरम के लिए ‘रामराज्य रथयात्रा’ रवाना हुई। दो दशक पहले मंदिर आंदोलन के केंद्र अयोध्या स्थित कारसेवकपुरम में यात्रा का नेतृत्व कर रहे स्वामी कृष्णानंद सरस्वती व विहिप महामंत्री चंपत राय ने भगवाध्वज दिखाकर यात्रा को रवाना किया। रथयात्रा अयोध्या के प्रमुख मार्गों से होते हुए नंदीग्राम भरतकुंड पहुंची। रात्रि विश्राम के बाद बुधवार को यात्रा यहां से वाराणसी के लिए रवाना होगी। रथयात्रा के दौरान राम मंदिर निर्माण के साथ ही गाय व गंगा की रक्षा, रामायण को पाठ्यक्रम में शामिल करने सहित कई अन्य बिंदुओं से संबंधित प्रस्ताव पर 10 लाख नागरिकों और 50 हजार साधु-संतों के हस्ताक्षर कराए जाएंगे। इस प्रस्ताव को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा जाएगा। भले ही इस यात्रा को सीधे विहिप संचालित न कर रही हो लेकिन जिस तरह इसके रवाना होने पर विहिप के लोग मौजूद रहे, उससे साफ है कि सूत्रधार की भूमिका में विहिप ही है।


रथयात्रा के आयोजक रामदास मिशन यूनिवर्सल सोसाइटी के राष्ट्रीय महासचिव श्री शक्ति शांतानंद महर्षि ने बताया कि यह यात्रा यूपी के वाराणसी, प्रयाग, चित्रकूट के अलावा एमपी के सागर, भोपाल, उज्जैन और महाराष्ट्र के बीजापुर, बंगलूरू, मैसूर होते हुए 23 मार्च को रामेश्वरम तक पहुंचेगी। यह करीब छह हजार किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यात्रा शुरू होने से पूर्व चंपत राय ने कहा कि जिस स्थान को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है वहीं राम का जन्म हुआ था। यह बात अब पूरी तरह प्रमाणित हो चुकी है। इसीलिए सभी की इच्छा हैै कि यहां रामलला का भव्य मंदिर बने। अयोध्या में किसी भी कीमत पर मस्जिद नहीं बनेगी।

राममंदिर निर्माण के लिए अयोध्या से रामेश्वरम तक रामराज्य रथयात्रा के प्रस्थान समारोह में मुगल वंशज होने का दावा करने वाले प्रिंस याकूब तूसी, राममंदिर निर्माण की मुहिम चला रहे बबलू खान व मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सहसंयोजक महिरज भी मौजूद रहे। हैदराबाद के प्रिंस याकूब तूसी ने कहा कि उनकी इच्छा है कि अयोध्या में मंदिर बने। इससे सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश जाएगा।

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