दरोगा ने की गर्भवती महिला की पिटाई, लखनऊ ट्रामा सेंटर में मौत

0
562

लखनऊ: प्रशासन लोगों को याद दिलाता रहता है कि पुलिस उनकी मित्र है और परेशानी के वक्त साथ खड़ी है। लेकिन उत्तरप्रदेश की पुलिस की जनता के साथ मित्रता केवल कहने में अच्छी लगती है। योगी राज में पुलिस गरीब जनता पर अपना अत्याचार दिखा रही है। इसमें एक महिला की मौत होने की घटना सामने आई है।

मामला फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव आतंर कहा है। जहां राजकुमार अपने घर के बाहर मिट्टी डाल रहा था। उसी वक्त दारोगा की नजर उसपर पड़ी और उसने मिट्टी का अवैध खनन का आरोप लगाकर राजकुमार को पीटना शुरू कर दिया। दरोगा से बचने के लिए राजकुमार घर में घुस गया। लेकिन दरोगा ने उसे नहीं छोड़ा और घर के अंदर घुसकर पिटाई की।

अपने पति को बचाने की कोशिश कर रही पत्नी राजकुमारी (35) को भी नहीं दरोगा ने नहीं बख्शा और उसे भी मारने लगा। इससे गर्भवती राजकुमारी गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला की हालत बिगड़ते देख दारोगा मौके से फरार हो गया। परिजन घायल महिला को इलाज के लिए फर्रुखाबाद ले गए। हालत गंभीर होने के कारण वहां से चिकित्सकों ने राजकुमारी को लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। सोमवार को राजकुमारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मंगलवार सुबह शव पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया है।

 

राजकुमार ने बताया कि महिला छह माह की गर्भवती थी। उसके एक पुत्री रूचि (12), दो पुत्र शोभित (6) व अर्पित (2) हैं। उसने पुलिस पिटाई से पत्नी की मृत्यु होने की बात स्वीकार नहीं की। अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह ने बताया कि दारोगा द्वारा पीटे जाने का आरोप गलत है। महिला बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती थी। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। शिकायत मिली तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

 

इम मामले पर ग्राम प्रधान कर्णवीर सिंह ने बताया कि दारोगा का क्षेत्र में आतंक है। वो आए दिन ग्रामीणों से मारपीट करता है। इसी वजह से महिला की मौत हो गई।  पीडि़त परिवार काफी गरीब है। पुलिस के धमकाने से परिजन भयभीत हैं और कार्रवाई के भय से खामोश हैं।पुलिस के डर से बिना कार्रवाई किए ही परिजनों ने शव का दाह संस्कार कर दिया।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here