किसी ने नहीं किया 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला, आरोपी बरी, तो देश का मुजरिम कौन !

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नई दिल्ली: देश के बहुचर्चित 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में गुरुवार को कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। इस मामले के मुख्य आरोपी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और द्रमुक सांसद कनिमोझी समेत कई लोगों पर पटियाला हाउस की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बरी कर दिया है।

देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक 2जी स्पेक्ट्रम मामले में सीबीआई ने पहली बार साल 2011 में गिरफ्तारी की थी। इसके साथ साल बाद य़ानी आज 21 दिसंबर 2017 को इसका फैसला आया। स्पेशल सीबीआई जज ओपी सैनी इस मामले में फैसला सुनाया।आपको बता दें कि देश का सबसे बड़ा और चर्चित घोटला यूपीए 2 के कार्यकाल के दौरान हुआ था। उस वक्त देश के पीएम मनमोहन सिंह थे। जिसने कांग्रेस सरकार के लिए बड़ी परेशानियां खड़ी कर दी थीं। दरअसल 2010 में सीएजी की एक रिपोर्ट आई थी जिसमें 2008 में बांटे गए स्पेक्ट्रम पर सवाल उठाये गए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक इससे सरकार को एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के लिए एक विशेष अदालत बनाने के लिए कहा था। इस मामले में देश के कई बड़े नाम शामिल हैं।इस केस में एस्सार ग्रुप के निदेशक विकास सरफ, लूप टेलीकॉम के प्रमोटर किरण खेतान, उनके पति आई पी खेतान और एस्सार ग्रुप के प्रमोटर रविकांत रुइया, अंशुमान रुइया भी आरोपी थे।

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