आइपीएल सीजन 11 : इस साल के आइपीएल में बडे बदलाव

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नई दिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) का इस बार 11वां सीजन खेला जाना है। इस बार बड़े पैमाने पर खिलाड़ियों की अदला-बदली तो हुई ही है। साथ में 2 साल का बैन झेलने के बाद चेन्नई और राजस्थान की टीमों ने भी वापसी की है ।

इसके साथ ही साथ मैच के समय में भी बदलाव किए गए हैं, लेकिव अब जो हम आपको बताने जा रहे हैं, वो इस आइपीएल का सबसे बड़ा बदलाव हो सकता है और ये ही वजह है कि आइपीएल का 11वां सीजन पहले के 10 सीजन से सबसे अलग होगा। आपको बता दें कि आइपीएल के 11वें सीजन को खेले जाने के लिए गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया जा सकता है।इंडियन प्रीमियर लीग की धमाकेदार स्पर्धा में मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री हर तरफ नजर आएगी। जहां तमाम दिग्गज क्रिकेटरों के हाथ में मेरठ के बल्ले होंगे, वहीं टूर्नामेंट के लिए कूकाबूरा गेंदें भी मेरठ से भेजी जा रही हैं। ऑस्ट्रेलियाई कंपनी कूकाबूरा की मेरठ स्थित कंपनी ने सफेद और गुलाबी रंग की गेंदों की आपूर्ति की है। हाल में ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में डे-नाइट मैच में आजमाई गई गुलाबी गेंद भी चर्चा में है, जहां विशेषज्ञों ने प्रयोग को सफल माना है।

आइपीएल में मैचों के साथ ही टीमें इस गेंद का प्रयोग अभ्यास सत्र में भी कर रही हैं। कूकाबूरा की दुनियाभर में ऑस्ट्रेलिया, इग्लैंड, न्यूजीलैंड एवं भारत समेत कुल चार कंपनियां हैं। 2014 में मेरठ में विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एस्टेट में कंपनी ने एशिया का एकमात्र केंद्र खोला।

भारत में जल्द ही शुरू होने वाले आइपीएल के लिए लाल, गुलाबी एवं सफेद रंग की गेंदें उपलब्ध कराई गई हैं। डे-नाइट मैचों में ज्यादातर सफेद गेंदों का प्रयोग होता है, किंतु गुलाबी गेंद भी विकल्प बनकर उभरी है। गत वर्ष हुए महिला विश्व कप में भी कंपनी ने गेंदों की आपूर्ति की थी। मेरठ की कूकाबूरा कंपनी क्रिकेट के साथ ही हॉकी इंडिया को भी गेंद देती है। भारत में खेले जाने वाले विश्वस्तरीय स्पर्धाओं एवं हॉकी लीग में इन्हीं गेंदों का प्रयोग हुआ। भुवनेश्वर में हुए टूर्नामेंट में भी इसी गेंद का प्रयोग हुआ।

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